Top 10 best hindi shayri

हिंदी में शायरी 


शायरी,गीत,कविता,ग़ज़ल ,ये सब न होते तो केसे कोई अपनी भावनाओ को व्यक्त कर पाता|ये सभी बहुत ही प्यारे माध्यम हैं जिनके जरिए कोई भी इन्सान अपनी बात को बड़े ही प्यारे अंदाज़ में वो भी कम शब्दों में व्यक्त कर सकता हैं |भारत में शायरी,गीत,कविता,ग़ज़ल का चलन सदियों से चला आ रहा हैं |

बड़े बड़े शायरों ने अपनी बात शायरी के जरिए बड़े ही आसान लफ्जो में कह डाली जिनका अर्थ जरुर बहुत गहरा होता था और आज भी होता हैं |
ऐसे ही एक शायर जिस से आप सभी वाकिफ होंगे ग़ालिब साहब |उनके बारे में क्या कहना कोई ऐसा शायर नही जिस ने उनकी शायरी न पड़ी हो |छोटी छोटी लाइन्स में गहरी बात बड़ी आसानी से कह देते थे |
 
ये एक कला ही हैं जिसके माध्यम से इन्सान अपने दिल की हर बात कह सकता हैं |
चाहे किसी से प्यार हुआ हो कह नही सकते तो शायरी को हथियार बना कह दी अपने दिल की बात |चाहे दिल टुटा हो तो शायरी के जरिए बया कर दिया अपने दिल के दर्द को |
बड़े काम की होती हैं ये शायरी |
हमने भी कोशिश की हैं के आप तक अपनी शायरी पहुचाए,अपने जस्बात आप के साथ बांटे|
 
Hindi shayri -हिंदी शायरी 

क्या लिखूं—

 
गीत लिखू ,शायरी लिखूं या कविता लिखूं,
इन शब्दों को पिरो के, मै क्या लिखूं |
न मै गीतकार ,न मै शायर ,न मै कोई कवि हूँ ,

कैसे मै तुझे अपने दिल के एहसास लिखूं |

 

 ए वक्त —

 
ए वक्त जरा आहिस्ता चल,
मै तेरे साथ दौड़ नही सकता |

 

 


दीदार किया उनका जब से —

 
दीदार किया उनका जब से हमने ,
बेचैन  रहते हैं तब से कसम से |
एक झलक और देख ले उनको ,
इस हसरत से प्यासी हैं नजरे कसम से |
उनकी आवाज को सुनने को तरसते हैं ,

एक आहाट ही मिल जाए तो करार आ जाए कसम से |

 

 


मुर्ख हैं हम —

 
मुर्ख हैं हम ,जो हर जर्रे में ख़ुशी ढूँढते हैं ,
एक सेलाब आता हैं,
और उन्हे बहा ले जाता हैं |
हम वही खड़े रह जाते हैं ,फिर से ,

एक  कतरा ख़ुशी की तालाश में |




लम्हा लम्हा —

 
लम्हा लम्हा कुछ टूटता सा नजर आता हैं ,

पता नही ये  मेरे ख्वाब हैं  या मै हूँ|

 

 

 best हिंदी शायरी

दस्ता -ए-गमो की —

मत पुछो क्या कर रहे हैं हम ,
दस्ता -ए-गमो  की लिख रहे हैं हम |
हर पन्ने पर जिक्र  तो नही हैं आपका ,
पर हर पल में आपकी यादो को सहेज रहे हैं हम |



क्यों कोई शक्स मुझ सा नही हैं —-


क्यों कोई शक्स मुझ सा नही हैं ,
क्यों  कोई तराना मुझ सा नही हैं |
जीने को तो जी रहे हैं पर,
क्यों कोई लम्हा मुझ सा नही हैं |



कतरा कतरा जिंदगी जीते हैं—

कतरा कतरा जिंदगी जीते हैं ,
लम्हा-लम्हा आंसु पीते हैं |
खुशियों का इंतजार नही हैं अब,
फिर भी हर मुस्कान में ,आस को सीते हैं |
कतरा कतरा जिंदगी जीते हैं ……..

 

 

चिलमन से निकल कर पैगाम आया —-

यु चिलमन से निकल के एक पैगाम आया ,
उनकी पहली मोहोब्बत का सलाम आया |
नादा थे हम ,जो पढ न सके उनकी आँखों में ,
और एक वो थे जो दीदार करते रहे हमारा 

हर पल अपनी साँसों में |

 


कीमत–

 
कीमत इन्सान की नही ,लिबास की होती हैं यहाँ पर ,
कीमत जुंबा की नही ,झुठी शान की होती हैं यहाँ पर |

कोई कितना भी जख्मी क्या न हो ,कीमत दिखने वाले जख्म की होती हैं यहाँ पर |



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