राष्ट्रीय बचत पत्र (NSC) क्या है ? इसे कैसे खरीदे ?

राष्ट्रीय बचत पत्र डाक घर की एक बचत योजना है | इसे NSC के नाम से भी जाना जाता है | जिसका पूरा नाम अंग्रेजी में national saving certificate है |टैक्स saving के लिहाज से ये एक बहुत ही पोपुलर योजना है |अगर आप इस योजना में अपने पैसे इन्वेस्ट करना चाहते है तो डाक घर से आपको एक सर्टिफिकेट मिलता है जिसमे आपके द्वारा किये गए इन्वेस्टमेंट की पूरी जानकारी होती है |इस की परिपक्वता 5 साल की होती है | यानी आपके पैसे 5 साल के लिए निवेश होंगे |

NSC national saving certificate

 

राष्ट्रीय बचत पत्र (NSC) क्या है ?

यह भारत सरकार की एक बहुत ही लोकप्रिय बचत योजना है |जिसे डाक घर में जा कर ले सकते है |NSC यानी की national saving certificate को कोई भी ले सकता है चाहे आप एक व्यापारी हो ,सर्विस करते हो ,किसान हो या कोई भी अन्य व्यक्ति |यह योजना टैक्स से बचत पहुंचाती है इसलिए यह योजना टैक्स  देने वालो के लिए बहुत ही अच्छी है |इसमे निवेश कर के आप टैक्स में छुट ले सकते है | लेकिन ये छुट 1,50,000 रुपए तक ही मिलती है |

राष्ट्रीय बचत पत्र  के  प्रकार :—यह  दो प्रकार की होती है |
  1. NSC issue viii
  2. NSC issue ix   ——-  इस NSC की परिपक्वता अवधि 10 साल की  होती थी |लेकिन सरकार ने इसे 2015 से जारी करना बंद कर दिया है | इसकी ब्याज दर NSC issue viii से ज्यादा थी | क्युकी अब इसको बंद कर दिया गया है तो इसके बारे में ज्यादा न बता कर आपको nsc viii के बारे में  detail से जानकारी देते है |

हम यहाँ पर NSC issue viii की detail जानेगे —-

इस nsc की परिपक्वता अवधि 5 साल की होती है |यानी अगर आप इस nsc में निवेश करते है तो 5 साल के बाद ही आप अपने पैसे निकल सकते है | इस सर्टिफिकेट की रेंज 100 से लेकर 10,000 तक होती है | ये डाक घर से जारी किये जाते है |इसमे निवेश की कोई सीमा तय नही है यानी आप कितना भी निवेश कर सकते है |

आवश्यक योग्यता —

1 ) इसे कोई भी भारतीय नागरिक ले सकता है |

2) किसी नाबालिक के लिए उसके अभिभावक द्वारा nsc ली जा सकती है |

3) दो लोग सयुंक्त रूप में भी इसे ले सकते है |

4) NRI यानी अनिवासी भारतीय  और HUF यानी hindi undivided family  इसमे निवेश नही कर सकते है |

आवश्यक दस्तावेज —

  1.  पहचान पत्र के लिए आधार कार्ड ,वोटर id,पैन कार्ड आदि |
  2. पते के लिए पानी ,बिजली की bill /राशन कार्ड भी लिया  जा सकता है |
  3. पासपोर्ट साइज़ photo |

राष्ट्रीय बचत पत्र को कैसे खरीदे ?

अगर आप NSC खरीदना चाहते है तो किसी भी नजदीकी डाक घर में जा कर खरीद सकते है | वेसे सरकार ने अब बैंक्स को भी NSC जारी करने के निर्देश दे दिए है पर अब तक इसके बारे में विशेष जानकारियां उपलब्ध नही है |

सभी जरूरी दस्तावेजो के साथ एक फॉर्म भरना होगा |जो आप डाक घर से ले सकते है या फिर यहाँ पर click कर के download कर सकते है |

NSC खरीदने के लिए  नकद राशि या चेक या डिमांड ड्राफ्ट  से भुकतान कर सकते है |अगर डाक घर यानी पोस्ट ऑफिस में पहले से ही आपका खाता है तो आप जितनी राशि की NSC लेना चाहते है  उतनी राशि अपने खाते से transfer कर सकते है और nsc खरीद सकते है |

टैक्स से कितनी छुट मिलती है ?

राष्ट्रीय बचत पत्र टैक्स saving का एक बहुत हीं अच्छा विकल्प है | इसमे निवेश करने पर आयकर अधिनियम 80 C के तहत टैक्स में छुट मिलती है लेकिन ये छुट केवल 1,50,000 रुपए तक ही मिलती है |

कितनी राशि निवेश कर सकते है ?

राष्ट्रीय बचत पत्र में निवेश करने की उपरी सीमा तय नही है यानी आप कितना भी निवेश कर सकते है |इसमे आप न्यूनतम 100 से लेकर 100 के गुणांक में 500,5000,10,000  रुपए के मूल्य वर्ग में निवेश कर सकते  है  |

इसे एक उदाहरण से समझते है | अगर आप 25,000 रुपए की NSC लेते है तो आपको डाक घर 5000 वर्ग की 5 nsc जारी कर सकता है या फिर 10,000 की दो और 5000 की एक यानी तीन NSC जारी करेगा | यानी की ये सर्टिफिकेट 100,500,5000 और 10,000 मूल्य वर्ग के है |आप जितने भी निवेश करेगे उतने मूल्य के सर्टिफिकेट डाक घर आपको जारी कर देगा |

ब्याज दर कितनी है ?

राष्ट्रीय बचत पत्र की ब्याज दर में कटौती की गई है |अभी  इस समय इसकी ब्याज दर 7.6% है | इसमे ब्याज की गणना हर 6 महीने में होती है | और ब्याज की राशि को मूल राशि में जोड़ दिया जाता है | इसका का मतलब ये है की जब अगली बार ब्याज की गणना होगी तो मूल राशि और पहेले के ब्याज की राशि को जोड़ कर होगी यानी इसमे ब्याज की गणना चक्रवर्ती ब्याज से होती है | कुल राशि 5 साल के बाद निवेशक को दे दे जाती है |

क्या 5 साल से पहले पैसे निकाल सकते है ?

कुछ शर्तो का पालन करके आप चाहे तो एक साल बाद अपने खाते से राशि निकाल सकते है |

क्या NSC को transfer कर सकते है ?

NSC यानी राष्ट्रीय बचत पत्र किसी भी डाक घर से लिया जा सकता है और इसे भारत के किसी भी दुसरे डाक घर में transfer भी किया जा सकता है | लेकिन परिपक्वता अवधि पूरी होने पर राशि को भुनाते वक्त transfer सर्टिफिकेट होना जरूरी है इसलिए इसको  सम्हाल कर रखे |

NSC तीन तरीके से खरीद सकते है ?

1.Single holder Type NSC : इस प्रकार के NSC खरीदने पर certificate किसी एक व्यक्ति के नाम होता है। अल्पवयस्क या बच्चे के नाम होने पर  अभिभावक  का नाम दर्ज होना भी जरूरी है।

2.Joint A type NSC : इस प्रकार के NSC खरीदने पर Certificate किन्हीं दो वयस्क व्यक्तियों के नाम बनता है। दोनों पति-पत्नी, पिता-पुत्र, मां-बेटी, दो मित्र या साझीदार कुछ भी हो सकते हैं। Maturity पर मिलने वाली धनराशि भी दोनों को बराबर-बराबर मिलेगी।

3. Joint B type NSC: इस प्रकार के NSC भी किन्हीं दो व्यस्क  व्यक्तियों के नाम होते हैं। अंतर सिर्फ यह होता है कि maturity के बाद मिलने वाली राशि किसी एक व्यक्ति के नाम मिलती है। यह किसे मिलनी चाहिए, इसका उल्लेख NSC खरीदते समय करना जरूरी होता है।

क्या NSC पर लोन मिल सकता है ?

जी हाँ दोस्तों आप जरूरत पड़ने पर NSC को किसी bank में रख कर लोन ले सकता है |लेकिन लोन की राशि  कितनी होगी और ब्याज की दर क्या होगी ये उस bank या संस्था पर निर्भर करेगा जिससे आप लोन लेंगे | वैसे NSC की अवधि पर भी लोन राशि निर्भर करती है जैसे अगर आपको  NSC को लिए 3 साल हो गये है तो लोन ज्यादा मिलेगा |और अगर एक साल  ही  हुआ है तो कम मिलेगा |

NSC परिपक्व होने पर भुनाने की प्रोसेस क्या है ?

  • बचत पत्र की 5 साल की अवधि पूरी होने के बाद डाक घर जाकर एक फॉर्म भरना होगा |NSC भुनाने वाला फॉर्म जो post office मिलेगा, उसे भरना होगा।

यह फॉर्म indian post की वेबसाइट www.indiapost.gov.inपर भी उपलब्ध है, इसे download करके भी जमा कर सकते हैं।

  • साथ में आपको डाक घर द्वारा दिए गए राष्ट्रिय बचत पत्र को भी ले जाना होगा |
  • अगर आपने NSC को किसी दुसरे डाक घर में transfer किया है तो साथ में transfer सर्टिफिकेट भी ले जाना होगा |
  • NSC का original certificate साथ में लेते जाएं। आपकी पहचान के  ओरिजनल दस्तावेज भी साथ रखें।
  • अगर NSC भुनाने वाला व्यक्ति, खरीदते समय नाबालिक है , तो   उसके हस्ताक्षर के अलावा अभिभावक के भी हस्ताक्षर होने जरूरी हैं। अभिभावक के न रहने पर उसकी पहचान  प्रमाणित करने  के लिए ऐसे व्यक्ति के हस्ताक्षर  होने चाहिए, जिसे पोस्ट मास्टर  जानता हो।
  • NSC holder के निधन की स्थिति में उसके nominee को फॉर्म  भरकर जमा करने होते हैं ।तब उसको NSC की राशि मिलेगी |

राष्ट्रीय बचत पत्र के नियम —-

  1.  केवल भारतीय नागरिक ही NSC ले सकता है |
  2. NRI या HUF इस योजना का लाभ नही ले सकते है |
  3. अगर NSC लेने वाले की मृत्यु हो जाए तो परिपक्वता अवधि के बाद राशि को नॉमिनी को दे दिया जाएगा |
  4. NSC को देश के किसी भी दुसरे डाक घर में transfer किया जा सकता है लेकिन ऐसे परिस्थिति में transfer सर्टिफिकेट होना जरूरी है |
  5.  खो जाने पर डुप्लीकेट NSC ली जा सकती है |
  6. NSC पर जरूरत पड़ने पर लोन भी लिया जा सकता है |
  7. अगर 5 साल पुरे होने पर राशि नही निकली जाती है तो यह renew नही होती है बल्कि सामान्य बचत खाते के सामान ब्याज मिलता है |
  8. इस  में प्रत्‍येक छमाही में  चक्रवर्ती ब्याज  दिया जाता है।प्रति 6 महीने पर मिलने वाला ब्याज मूल राशि में  में Reinvest हो जाता है जिसके परिणामस्‍वरूप मिलने वाला Interest, चक्रवर्ती  हो जाता है।
  9. इसमे निवेश की कोई उपरी सीमा तय नही है |आप जितनी राशि चाहे निवेश कर सकते है |
  10. इस  में अगर आपने 5 साल के लिए निवेश  किया है तो फिर आपको उतने साल NSC रखना ही पड़ेगा और उसमें आपको किसी प्रकार की कोई Regular Income भी नहीं होगी।
  11. National Saving Certificate में Investment करना फिक्स्ड डिपाजिट (FD)  के समान सुरक्षित होता है |
  12. यह योजना व्यक्तिगत  के लिए है। इसलिए इसमें Group of People जैसे कंपनी ,ट्रस्ट  और Hindu Undivided Family निवेश करने के लिए योग्य  नहीं होते हैं।
  13. इस  में किए गए निवेश  को उसकी Maturity से पहले  नहीं निकाला जा सकता।
  14. इस में  Nomination की सुविधा भी दी   जाती है|

राष्ट्रीय बचत पत्र के लाभ —-

    1. यह एक भारत सरकार की बचत योजना  है इसलिए इस  में कोई Risk नहीं होता है। यानी आपने जो भी Invest किया है, ब्‍याज सहित सारी राशि  आपको जरूर प्राप्‍त होगी  |
    2. इस  में आप जितना चाहें उतनी राशि निवेश  कर सकते हैं। इसकी किसी प्रकार की कोई सीमा तय नहीं है |
    3. इसको Security के रूप में रखकर Banks से इसके बदले Loan भी ले सकते हैं।
    4. इस  में आप जो भी राशि निवेश  करते हैं उसके लिए आप आयकर अधिनियम  Act, 1961 के Section 80C के अंतर्गत छुट  प्राप्‍त कर सकते हैं।
    5. यदि Certificate खो जाता है या नष्ट हो  जाता है तो Duplicate Certificate जारी हो जाता  है।
    6. आप को जो भी ब्याज मिलता है उसको आपकी मूल राशि में जोड़ दिया जाता है   और  बिना  Extra Certificate Purchase किए हुए भी आपका NSC निवेश  बढ़  जाता है।
    7. आपको इस में किए गए निवेश पर जो ब्याज  दर  प्राप्‍त होती   है, वह फिक्स्ड  deposit  के ब्याज दर  से ज्यादा होती है।
    8. वे लोग जो अपनी राशि को सुरक्षित रूप में निवेश करना चाहते है  ,उनके लिए यह NSC बहुत अच्छा विकल्प  है।
    9. आप इस  में 1,50,000 रूपए तक निवेश करके  आयकर अधिनियम Act, 1961 के Section 80C के अंतर्गत Tax Deductions भी ले सकते हैं।
    10. कुछ शर्तो के साथ आप समय से पहले भी अपने पैसे ले सकते है |

NSC (राष्ट्रीय बचत पत्र )और KVP (किसान विकास पत्र ) अंतर —

विशेषता राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र (एनएससी) किसान विकास पत्र (के वी पी)
कहाँ से खरीदा जा सकता है ? डाकघरों से  डाकघरों से
जोखिम कितना है ? जोखिम मुक्त जोखिम मुक्त
ब्याज दर कितनी है (मार्च,2018) 7.6%  7.5%
परिपक्वता  5 साल  115 महीने
निवेश राशि आयकर (आईटीअधिनियम की धारा 80C के अंतर्गत लाभ के लिए पात्र ? हाँ नहीं
अर्जित ब्याज आयकर (आईटीअधिनियम की धारा 80C के अंतर्गत लाभ के लिए पात्र ? हाँ नहीं
न्यूनतम निवेश रु. 100 रु. 100
अधिकतम निवेश  कोई सीमा नहीं  कोई सीमा नहीं
परिपक्वता पर मिलने वाली राशि    इसमे ब्याज का पुनर्निवेश होता है, और परिपक्वता के समय मूल राशि के साथ भुगतान होता है  परिपक्वता अवधि के बाद   दुगुना धन मिलता है

निष्कर्ष :—

राष्ट्रीय बचत पत्र  छोटी बचतों के लिए बहुत ही अच्छी सरकारी योजना है |अगर आप आपने पैसो को ऐसी जगह निवेश करना चाहते है जहाँ आपके पैसे एक दम  सुरक्षित हो और return की गारंटी भी हो तो NSC आपके लिए अच्छा विकल्प है |इसमे अपनी धनराशि  निवेश कर के आप निश्चिंत रह सकते है |अगर NSC को लेकर कोई भी प्रश्न हो तो आप comment box में comment कर के पूछ सकते है |

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2 Comments on “राष्ट्रीय बचत पत्र (NSC) क्या है ? इसे कैसे खरीदे ?”

  1. नेशनल सेविंग योजना में क्या महिने महिने करम जमा करनी होती हैं ?

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