गारंटी और वारंटी में क्या अंतर है ? differences between guarantee and warranty

 Differences between Guarantee and warranty —

जब कोई ग्राहक किसी दूकान पर कोई वस्तु खरीदने जाता है और पैसे देकर सामान ले आता है |ऐसी कंडीशन में आगे वो सामान या वस्तु खराब निकल जाए जो ग्राहक कुछ नही कर सकता है क्यों की उसके पास कोई proof ही नही होता है की उसने ये सामान उसी दूकान वाले से खरीदा था |ऐसे में उस ग्राहक के पैसे waste हो जाते है |लेकिन अगर ग्राहक ने सामान खरीदते वक्त कोई रसीद या गारंटी या  वारंटी card लिया होता है तो उसके पास अपनी खरीदी हुए सामान का proof होता है की उसने ये सामान किस दूकान से खरीदा था |

रसीद तो  आप  सभी जानते ही होगे की ये bill होता है जो सामान की खरीद का पुख्ता सबूत होता है |लेकिन गारंटी और वारंटी को लेकर अक्सर लोगो में confusion रहता है की दोनों में क्या अंतर है |कुछ लोग दोनों शब्दों को एक दुसरे का पर्यावाची समझते है |लेकिन ऐसा नही है दोनों में बहुत अंतर होता है |लोगो  की इस अज्ञानता का फायदा दूकानदार उठाते है और उनको बेफ्कुफ़ बना के अपना सामान बेच देते है |इसलिए सभी लोगो को गारंटी और वारंटी में स्पस्ट अंतर को समझना चाहिए इसलिए आज हम आपको इसी के बारे में जानकारी देने वाले है की गारंटी और वारंटी में क्या अंतर होता है |


गारंटी और वारंटी में अंतर



गारंटी क्या होती है ? (What is guarantee?)—-

गारंटी, किसी उत्पाद  या सेवा को बेचने के बाद ,  निर्माता द्वारा अपने ग्राहक से किया गया एक वादा होता है की अगर  सेवा या उत्पाद की  सामग्री , गुणवत्ता, या प्रदर्शन  में किसी भी प्रकार की कोई कमी होती है तो  निर्माता company अपने ग्राहक को उस  उत्पाद या उपकरण की मरम्मत करवाएगी या उस मरम्मत की जगह ग्राहक द्वारा किये गये भुगतान को वापस करेगी | इस प्रकार ये एक प्रकार का contract होता है |जिस में तीन लोग शामिल होते है |एक  उत्पाद निर्माता company ,दूसरा दुकानदार और तीसरा ग्राहक |

ये एक कानूनी शब्द है |अगर गारंटी पिरीयड में कोई उत्पाद निर्माता अपने ग्राहक के प्रति अपनी जवाबदेही को पूरा नही करता है तो ग्राहक उस निर्माता company के खिलाफ court में जा सकता है |

 सामान्य शब्दों में समझे तो गारंटी पिरीयड में ग्राहक के  सामान में कोई भी खराबी या टूट फूट होने पर company अपने सामान को  या तो  ठीक करके देती है या फिर दूसरा नया सामान देती है या फिर ग्राहक  को पैसे वापस करती है |

गारंटी देने वाला गारंटर (guarantor ) कहलाता है और जिसको गारंटी दी जाती है वो obligee कहलाता है | 

bitcoin कैसे खरीदे

Netbanking क्या होती है ?

 गारंटी मिलने की शर्ते —-

  1. किसी उत्पाद की  गारंटी के लिए आप तभी दूकान वाले के पास जा सकते है जब आपने वस्तु खरीदते वक्त   उस वस्तु का गारंटी card भी लिया हो |अगर आप  गारंटी card लेना भूल गए तो आप दूकान वाले के पास जाकर  गारंटी जैसी कोई बात नही कर सकते है |
  2. अगर आपके पास  गारंटी card है और उस पर लिखा  समय पूरा हो चूका है तब आप  गारंटी के लिए कोई बात नही कर सकते है |मतलब  गारंटी  card के उपर समय होता है की एक साल की  गारंटी है या दो साल की  गारंटी  है |ये time पूरा होने के बाद अगर  आपको खरीदे गए उत्पाद में कोई प्रॉब्लम होती है तो  गारंटी  का कोई use नही रह जाता है तब आपको अपने पैसो से उस उत्पाद को ठीक करना होगा या दूसरा लेना होगा |
वारंटी क्या होती है ? (What is warranty )—-
 
वारंटी के अंदर जब कोई ग्राहक किसी उत्पाद को खरीदता है तो company की तरफ से उसको  वारंटी card दिया जाता है जो इस बात का विश्वास ग्राहक को देता है की अगर उत्पाद खराब हो गया या कोई part टूट गया तो company /दुकानदार उस उत्पाद को मरम्मत करवा के वापस कर देंगे |
 
जेसे अगर आपने कोई पंखा खरीदा उस पर आपको एक साल की वारंटी मिली तो एक साल के अंदर अगर वो खराब हो जाता है तो company free में अपने सर्विस center से पंखे को ठीक कर के आपको देगी |

 

 

वारंटी मिलने की शर्ते —
  1. वारंटी तभी मिलेगी जब ग्राहक के पास पक्का bill या वारंटी card हो |वरना अगर उसका सामान खरीदने के कुछ time बाद ही खराब हो गया तो company या दुकानदार इस में कोई मदद नही कर सकते है |
  2. वारंटी card में लिखा समय पूरा हो जाने के बाद अगर कोई टूट फूट होती है तो company /दुकानदार कुछ नही कर सकते है |


 अत : वारंटी या गारंटी का फायदा ग्राहक को तभी मिल सकता है जब वारंटी या गारंटी card हो और दोनों दिए गये समय के अंदर हो |


गारंटी और वारंटी में क्या अंतर होता है |( Differences between Guarantee and warranty)—-

आपको हमने गारंटी और वारंटी को अलग अलग समझा दिया है |अब इनके बीच के अंतर को समझते है |

  1. गारंटी में company अपने खरीदार से वादा करती है की अगर  सामान की गुणवत्ता कम हुई तो company उस वस्तु को ठीक कर के देगी या उसके बदले में दूसरी नई वस्तु देगी या फिर खरीदार द्वारा किया गया भुगतान वापस करेगी | जबकि वारंटी company द्वारा खरीदार को दिया गया एक आशवासन है की अगर वस्तु में कोई कमी हुई ता खराबी हुई तो उसको ठीक कर दिया जाएगा 
  2. गारंटी की समय सीमा कम होती है एक या दो साल तक जबकि वारंटी की समय सीमा ज्यादा होती है |एक से लेकर 8 साल तक या इस से भी ज्यादा हो सकती है | कभी कभी life time के लिए भी वारंटी मिलती है 
  3. गारंटी एक commitment है जबकि वारंटी एक assurance है |
  4. गारंटी उत्पाद ,सेवा ,व्यक्ति और उपभोकता की संतुष्टि को कवर करती है जबकि वारंटी केवल उत्पाद को ही कवर करती है |
  5. गारंटी मौखिक या लिखित में होती है जबकि वारंटी केवल लिखित में होती है |
  6. गारंटी मुफ्त दी जाती है जबकि वारंटी के लिए खरीदार को भुगतान करना होता है |
  7. गारंटी में खरीदी हुई वस्तु का पैसा वापस मिल जाता है जबकि वारंटी में ऐसा नही होता है |
  8. वारंटी लगभग सभी उत्पाद पर मिल जाती है जबकि गारंटी कुछ ही उत्पाद पर मिलती है |

summary: आज की पोस्ट में आपने जाना की गारंटी और वारंटी क्या है और इन  में क्या अंतर है | जिस product पर गारंटी मिलती है खरीदार उसको खरीदना ज्यादा पसंद करते है |
आज की जानकारी कैसी लगी comment box में comment कर के जरुर बताए और अपने दोस्तों के साथ भी शेयर करे |

2 Comments on “गारंटी और वारंटी में क्या अंतर है ? differences between guarantee and warranty”

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *