Gold monetization scheme(स्वर्ण मुद्रीकरण योजना) in hindi

Gold monetization scheme ,Gold monetization scheme in hindi हेल्लो दोस्तों , आज आप मेरी इस पोस्ट में Gold monetization scheme क्या है ?इस बारे में detail में जानेंगे Gold monetization scheme in hindi  में स्वर्ण मुद्रीकरण योजना भी कहते है | इस योजना में शामिल होने से क्या फायदे और क्या  नुकसान है सभी जानकारी आपको इस पोस्ट से मिलेगी बस  आपको शुरू से लास्ट तक पूरी पोस्ट पढ़नी होगी |

Gold monetization scheme  क्या है ?

gold monetization scheme kya hai

स्वर्ण मुद्रीकरण योजना  को सरकार ने  घर में रखे सोने को उपयोग में लाने के लिए बनया है |

पहले आप अपना सोना घर में या bank लोकर में रखते थे और बदले में आपको कुछ नही मिलता था |पर अब इस योजना के अंतर्गत आपको आपके सोने पर bank ब्याज देगी |

स्कीम के तहत इसमें कम से कम 30 ग्राम 995 शुद्धता वाला सोना बैंक में रखना होगा। इसमें गोल्ड-बार, सिक्के, गहने शामिल होंगे |

एक सर्वे के मुताबिक भारत  सोने के सबसे बड़े उपभोक्ताओं में से एक है। (भारत हर साल 800-1000 टन सोने का आयात करता है। हालांकि भारत में सोने के शेयर 20,000 टन से अधिक होने का अनुमान है, लेकिन इनमें से अधिकतर सोने का व्यापार नहीं हुआ है, न ही मुद्रीकृत है। इसलिए सरकार ने यह योजना चलाई की देश में रखा सोना बाहर आए और देश के विकास में काम आ सके और सोने का आयात कम हो सके |

Gold monetization scheme  कब शुरू की गई ?

इस योजना को 5 नवम्बर, 2015 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुरू की | वैसे तो यह योजना 1999  से देश में चल रही है |लेकिन इस में कई कमियां थी इसलिए सरकार ने उन खामियों को दूर करके 2015 में इस योजना को नये बदलाव के साथ वापस शुरू किया |

पुरानी Gold monetization scheme  में क्या कमियां थी ?

पहले वाली योजना के असफल होने के निम्न कारण थे —-

  • शुरू में जब यह योजना 1999 में आई तो इस में मध्यम और निम्न स्तर के लोगो को नजर अंदाज किया गया था |
  • इसमे सोना जमा करने की न्यूनतम सीमा 500 gram थी | यानी आधा किलो सोना ?अब इतना सोना आम आदमी के पास तो नही हो सकता है |
  • bank में सोना जमा करने पर मिलने वाली ब्याज दर केवल 1% थी जो बहुत कम थी|
  • लोगो को सही से जानकारी भी नही थी |

नतीजा यह हुआ की सरकार बहुत कम सोना एकत्रित कर पाई और यह योजना फेल हो गई | तब सरकार ने सबक लिया और नई योजना में कमियों को पूरा किया |

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नई Gold monetization scheme  में कितना सोना जमा करा सकते है ?

इस नई योजना के तहत अब सरकार ने 500 gram सोने की न्यूनतम मात्रा को कम कर के 30 ग्राम कर दिया है |और अधिकतम कितना भी सोना जमा किया जा सकता है |अब एक आम आदमी के पास भी इतना सोना तो घर में या लोकर में हो सकता है | यानी अब सरकार ने उच्च स्तर के बजाय निम्न स्तर पर  भी फोकस किया है |

सरकार ने अब ब्याज की दर 1% से ज्यादा कर दी है |

अब यह दर 2.25% से 2.50% कर दी गई है जो की सोना जमा करने की अवधि पर निर्भर करेगी |इसके बारे में इसी लेख में आगे विस्तार से बताया गया है|

सरकार सोने का मुद्रीकरण यानी monetization  कैसे करेगी ?

gold monetization scheme kya hai

आसान शब्दों में आपको समझाते है जैस कोई व्यक्ति या ट्रस्ट,मन्दिर आदि bank में सोना जमा करते है तो व्यक्ति के bank में सोना जमा करने के बाद bank सोने का मुद्रीकरण करने या इसे पैसे में बदलने के लिए कई विकल्पों का उपयोग कर सकता है। एक जौहरी को सोना बेचना एक महत्वपूर्ण बात है। रुचि रखने वाले ज्वैलर्स ‘गोल्ड लोन’ का लाभ उठाने के लिए बैंक से संपर्क कर सकते हैं।

ज्वेलर की सोने की खरीद को बैंक से प्राप्त ऋण के रूप में माना जाएगा । इसके लिए, ज्वेलर को बैंक के साथ ‘गोल्ड लोन खाता’ शुरू करना होगा |

वह सामान्य ऋण के मामले में बैंक को ब्याज देगा |और

जौहरी द्वारा भुगतान किए गए ब्याज से, बैंक उस व्यक्ति को ब्याज दे सकता है जिसके पास स्वर्ण जमा खाता है यानी जिसका सोना bank में जमा है ।सोने के जमाकर्ता को दी गई ब्याज स्वर्ण ऋण लेने वाले (ज्वैलर) द्वारा भुगतान किए गए ब्याज से कम होगी।

इसके अलावा  और भी तरीको से सरकार सोने का मुद्रीकरण कर सकती है |

बैंक में सोना जमा करने के बाद शुद्धता परीक्षण केंद्र द्वारा सोने की शुद्धता के लिए परीक्षण किया जाएगा और 995 सुंदरता के मानक सोने में परिवर्तित किया जाएगा। जमाकर्ता को मानक सोने की जमा रसीद दी जाएगी |

योजना में कौन गोल्ड जमा कर सकते है ?

1)भारत में रहने वाला कोइ भी व्यक्ति  (HUF ,स्वामित्व और साझेदारी फर्म, ट्रस्ट) योजना के तहत स्वर्ण जमा कर सकते हैं।

2)इस योजना के तहत दो या दो से अधिक  जमाकर्ता भीं हो सकते है | इस तरह के जमा में सोना  जमाकर्ताओं के नाम पर खोले गए संयुक्त जमा खाते में जमा किया जाएगा।

gold monetization scheme kya hai

कितने समय के लिए सोना जमा किया जा सकता है ?

 

s.no. 3 term deposit plans                                 Years                           Rate of interest
1 Short term 1 से  3 साल 1 साल =0.5%     ,  2 साल =0.55%,

3 साल= 0.60%

2 Medium term 5 से 7 साल 2.25%
3 Long term 12 से 15 साल 2.5%

यदि आपको समय अवधि के अंत से पहले जमा वापस लेना है, तो आप छोटे दंड का भुगतान करके ऐसा कर सकते हैं।

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क्या Tax benefit  मिलेगा ?

जी हाँ , आपको सोने की मुद्रीकरण योजना में मिलने वाले ब्याज की राशि पर कोई income टैक्स नही देना है |

Gold monetization scheme  एक नजर में —-

 

योजना का नाम Gold monetization scheme ( सोना मुद्रीकरण योजना)
कब शुरू हुई ? 5 नवम्बर , 2015 को
किस ने शुरू की ? प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी ने
योजना क्या है ? 30 ग्राम से लेकर अधिकतम कितना भी सोना bank में जमा करने पर अब ब्याज मिलेगा
ब्याज कितना मिलेगा ? 2.25% से 2.5% तक ( bank द्वारा निर्धारित )
अवधि कितनी है ? Short term 1 से 3साल

Medium term 5 से 7 साल

Long term 12 से 15 साल

टैक्स बेनिफिट ? मिलने वाले ब्याज की राशि टैक्स मुक्त होगी |

Gold monetize account कैसे open करेंगे ?

स्वर्ण जमा खाते खोलने के इच्छुक व्यक्तियों को आरबीआई दिशानिर्देशों के तहत सूचीबद्ध निर्धारित बैंक में जाना होगा |खाते की प्रकृति normal zero balance saving bank accounts के समान होगी।

खाते खोलने के लिए आवश्यक दस्तावेज भी वही हैं जो किसी भी बचत बैंक खाता खोलने के लिए आवश्यक हैं।

ग्राहक (KYC) फॉर्म पता प्रमाण –पत्र , id-proof और पासपोर्ट आकार photograph

इस योजना के लिए निम्नलिखित अतिरिक्त नियमो का पालन किया जाना होगा —–

gold monetization scheme kya hai

  • एक बार विवरण का सत्यापन पूरा हो जाने के बाद, जमाकर्ताओं को सरकारी अधिकृत संग्रह और शुद्धता परीक्षण केंद्र (CPTC) से संपर्क करने की आवश्यकता होती है। बैंक इस सूची को जमाकर्ता को प्रदान करेगा।

 

  • CPTC सोने का विस्तृत मूल्यांकन करेगा और एक बार सत्यापन सफलतापूर्वक पूरा हो जाने के बाद वे अपने केंद्र के अधिकृत हस्ताक्षरकर्ताओं द्वारा हस्ताक्षरित सोने की मात्रा के लिए रसीद जारी करेंगे।

 

  • जमाकर्ता को तब बैंक में रसीद जमा करनी होगी |bank जमाकर्ता को अंतिम जमा प्रमाणपत्र जारी करेगा जिसमें सभी सुचनाए होंगी की कितना सोना कितने समय के लिए जमा किया जा रहा है आदि |

 

योजना के बारे में रिज़र्व bank की साईट https://www.rbi.org.in/  पर जाकर और अधिक जानकरी ले सकते है |

अब तक जमा सोने का ब्यौरा एक नजर में —

दुनिया के सबसे अमीर हिंदू मंदिर ने सरकार की गोल्ड मॉनेटाइजेशन स्कीम में सोना जमा करने के बदले में मिलने वाले ब्याज को कैश में दिए जाने की बजाय सोने की मांग की है। मंदिर प्रशासन का कहना है कि सरकार की स्कीम में 3 साल से अधिक के लिए जमा किए गए सोने की रिपेमेंट में सोना ही दिया जाए।

सरकार की गोल्ड मॉनेटाइजेशन स्कीम की सफलता के लिए तिरुपति मंदिर की भागीदारी को अहम माना जा रहा है। आंध्र प्रदेश स्थित इस मंदिर के पास 7 टन सोना जमा है, जिसकी मौजूदा कीमत 277 मिलयन डॉलर यानी करीब 1,851 करोड़ रुपए है।

देश में करीब 20 हजार टन सोने का भंडार मौजूद है। बीते महीनों में इस योजना के तहत लोगों ने 3 टन से भी ज्यादा सोना जमा कराया है। सैकड़ों सालों में श्रद्धालुओं ने तिरुपति और सिद्धिविनायक जैसे मंदिरों में अरबों रुपए का सोना और सिक्के आदि दान किए हैं।

गौरतलब है कि हाल में मुंबई के 200 साल पुराने सिद्धिविनायक मंदिर ने ऐलान किया था कि वह मोदी सरकार की गोल्ड मॉनेटाइजेशन स्कीम में 44 किलो सोना जमा कराएगा।

योजना  का लाभ क्या है ?

1)सरकार का मुख्य उदेश्य देश के घरो और मन्दिरों में रखे सोने को बाहर लाकर उनका उपयोग देश के विकास में करना है |कम से कम 20,000 टन सोना हमारे घरो ,मन्दिरों में रखा है इस योजना के तहत ऐसे सोने को बाहर लाकर देश के हित में लगाना है |यदि यह सोना बैंको के पास आता है तो बाजार में सोने की की लिक्विडिटी बढ़ेगी|

2) देश से हर साल 800 टन से अधिक सोने का आयात होता है | इस से सोने के आयात कम होगा है |अब आप सोचेगे कैसे आयात कम होगा ?? आप जो सोना bank में जमा करेगे उस सोने को सरकार सोने के आभुषण बनाने वाली कम्पनी को देगी जिस से वो कम्पनी नये आभुषण बनाने के लिए सोने का आयात नही करेगी क्यों की सोना उसे  देश में ही मिल जाएगा | और आपको उस सोने पर ब्याज मिल जाएगा |

3)  देश में व्यर्थ रखे सोने का देश की अर्थव्यवस्था को सुधारने में उपयोग होगा |

4 ) आम आदमी को उसके सोने के बजाए ब्याज मिलने से उसका भी आर्थिक फायदा होगा |

5)  एकत्रित सोना आरबीआई के स्वर्ण भंडार को भी पूरक करेगा और सरकार की उधार लेने की लागत को कम करने में मदद करेगा।

6)  इस स्कीम से यह फायदा भी होगा बैंक विदेशी मुद्रा के लिए ये सोना बेच सकेगी|

योजना   से क्या नुकसान है ?

1) इस स्कीम के तहत गोल्ड जमा करने पर आपका सोना उपयोग में ले लिया जायेगा|

2) समयाविधि पूरी होने पर आपको सोना आपके मूर्त रूप यानि की असल रूप में नहीं मिलेगा|

3)सोने की जांच की जाएगी उसके अनुसार जितना सोना होगा उतना ही ब्याज मिलेगा, और कोई भी गोल्ड आभूषण में पूरा प्रतिशत सोना नहीं होता|

4)इससे ग्राहक को उतना ब्याज नहीं मिलेगा जितना उसे अन्य पॉलिसी के तहत मिलता है , इसमें व्यक्ति को अपने पसंद के सोने के आभूषण का मोह छोड़ना होगा|

5)बैंक के द्वारा ब्याज दर लगाई जायेगी ,जो कम भी हो सकती है और कुछ बैंक में ब्याज के रूप में सोने के बदले पैसा ब्याज में दिया जा सकता है|

6) इस स्कीम के तहत न्यूनतम मात्रा 30 ग्राम फिक्स की गयी है |जिसके कारन कई लोग जिनके पास कम सोना है चाहकर भी इस योजना में शामिल नही हो पाएँगे |

 

Final words —

Gold monetization scheme   में सरकार को अधिक से अधिक सोने के bank में जमा होने की उम्मीद है |अगर यह योजना सवाल रहती है तो इस से देश की अर्थव्यवस्था में काफी सुधार होगा | आपको Gold monetization scheme  in hindi पोस्ट कैसी लगी कमेंट बॉक्स में कमेंट कर के जरुर बताए |अगर कोई प्रश्न हो योजना से सम्बन्धित तो आप पूछ सकते है |

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