Electoral Bond क्या है ? जाने हिंदी में

भारत में चुनाव लड़ने के लिए  सभी दल चंदा लेते है | सदियों से हमारे देश में ये व्यवस्था चली आ रही है | इस व्यवस्था के अंतर्गत लोग अपने काले धन को चंदे के रूप में पार्टीज को देते है |लेकिन मोदी सरकार ने इस व्यवस्था को बदलने के  लिए  इलेक्टोरल बांड लाने  की घोषणा की है | अब सवाल ये है ,की ये इलेक्टोरल बांड क्या होता है ? तो जानते है इसके बारे में |

electoral bond क्या है



क्या होता है इलेक्टोरल बांड ?


अभी तक राजनेतिक पार्टीज को चंदा देने और उनका खर्च दोनों नकद में होता था | लेकिन अब  2 जनवरी ,2018 को वित्त मंत्री अरुण जेटली ने इलेक्टोरल बांड के प्रस्ताव की घोषणा की है |अब पार्टीज के खर्चो के लिए  केवल इलेक्टोरल बांड से ही चन्दा ले सकते है |इस बांड के जरिए भारतीय राजनीतिक व्यवस्था में पारदर्शिता आएगी |इस से काले धन का आदान प्रदान जो चंदे की आड़ में चल रहा था वो बंद होगा |
दुनिया में भारत पहेला ऐसा देश है जहाँ चुनावी पार्टीज के लिए इलेक्टोरल बांड जेसी व्यवस्था होने जा रही है | मोदी सरकार का काले धन को ख़त्म करते के लिए लिया गया ये कदम बहुत ही प्रशसनीय है |
अब नकदी के बजाए इलेक्टोरल बांड से चंदे की राशि देने से काले धन पर रोक लगेगी|

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इलेक्टोरल बांड की  खास बाते :

  1. ये बांड प्रमोसरी नोट की तरह होगा जो कर से मुक्त होगा |
  2. इस प्रोसेस में  तीन लोग शामिल होगे | एक ,डोनर जो चंदा देने वाला  है |दूसरा ,राजनीतिक पार्टी या क्षेत्रीय दल जो चंदा लेने वाले है |तीसरा,रिज़र्व bank of india 
  3. ऐसे  राष्ट्रीय दल और  क्षेत्रीय दल जिन्हें  पिछले चुनाव में कम से कम 1% मत मिला हो  वो इस बांड के जरिए चंदा लेने के योग्य होंगे |
  4. बांड की कीमत 1000,10,000,1 लाख ,10 लाख  और 1 करोड़ होगी |
  5. इन बांड्स को हर साल जनवरी,अप्रैल ,जुलाई  और अक्टूबर में भारतीय स्टेट bank की शाखाओं से खरीदा जा सकेगा | केवल दस दिन खरीदे जा सकेगे |लेकिन लोकसभा के चुनाव वाले साल में 30 दिन तक पार्टी इसे खरीद सकेगी
  6. बांड पर चंदा देने वाले का नाम नही होगा |
  7. बांड जारी होने की 15 दिन के अंदर उसका इस्तमाल चंदा देने के लिए हो सकता है |इस के बाद बांड बेकार हो जाएगा |
  8. राजनितिक पार्टी बांड को अपने खाते में जमा करा सकेगी |
  9. इस बांड को डोनर चेक या फिर digital payment के जरिए ही खरीद सकता है |
  10. डोनर द्वारा खरीदे गए बांड को स्कीम के तय समय के लिए राजनीतिक दल को दिया जाएगा |
  11. राजनितिक दल इस बांड को अपने नोटिफाई bank account के जरिए cash कर सकेगे |
  12. इस बांड के लिए देश के सभी राजनीतिक  दलों को चुनाव आयोग के पास एक  bank account  ,नोटिफाई करना होगा |जिसमे वो इस बांड के पैसो को प्राप्त कर सकते है |


इलेक्टोरल बांड के क्या फायदे है ?

  1. बांड से चंदा देने की व्यवस्था में पूर्ण रूप से पारदर्शिता आएगी |
  2. चुनावी बांड से सिस्टम साफ़ सुथरा होगा |
  3. काले धन पर रोक लगेगी |अब वो लोग जो अपना कला धन पार्टी को चना देते थे अब उनेह बांड के जरिए ही चंदा देना पड़ेगा |
  4. bank के पास चंदा देने वालो की आइडेंटिफिकेशन रहेगी|
  5. अब बोगस पार्टी चुनाव नही लद पाएगी क्यों की वही पार्टी को बांड मिलेगे जिस ने पिछले चुनाव में 1% मत जीता हो 
 
 
 
summary: अपने पोस्ट में जाना की इलेक्टोरल बांड  क्या होता है |इसको केसे use करना है इसके क्या फायदे है | उम्मीद है की ये पोस्ट आपको पसंद आएगी |comment box में comment कर के जरुर बताए और अपने दोस्तों के साथ शेयर भी करे 
 

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