ब्लैक होल क्या होता है ? ब्लैक होल की पहली तस्वीर कैसी है ?(What is Black Hole )

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हेल्लो दोस्तों ,आपने अखबारों में Black hole की पहली तस्वीर  के बारे में पढ़ा होगा जो पहली बार वैज्ञानिकों ने रिलीज़ की है |आज की पोस्ट में आप जानेंगे कि Black hole की पहली तस्वीर कैसी है? इसकी इमेज वैज्ञानिकों ने कैसे ली ? Black Hole  क्या होता है ? Black hole हमारी पृथ्वी से कितनी दूर है ? ब्लैक होल कितने प्रकार का होता है ?

ब्लैक होल के बारे में कुछ interesting facts के बारे में भी आप जानेगे |

इन सभी सवालों के जवाब आपको इस पोस्ट में मिलने वाले है तो चलिए शुरू करते है |पूरी पोस्ट ध्यान से पढ़ेंगे तो आपको बहुत कुछ black hole के बारे में जानने को मिलेगा |

Black Hole की जारी की गयी पहली तस्वीर कैसी है ?

ब्लैक होल की पहली तस्वीर
ब्लैक होल की पहली तस्वीर

          अभी तक सिर्फ एक कल्पना ही थी ब्लैक होल लेकिन दुनियाभर के वैज्ञानिकों के लिए रहस्य बने ब्लैक होल की पहली तस्वीर 10 अप्रैल 2019 (बुधवार) को जारी की गई।

यह तस्वीरें भारतीय समयानुसार शाम को 6 बजे जारी की गईं।

इमेज एक सुपर मैसिव ब्लैकहोल की है जो M87 गैलेक्सी में स्थित है|

यह ब्लैक होल हमसे 53.5 मिलियन प्रकाश वर्ष दूर है |यह अपने आकार के कारण पहचाना जा सका | यह सूरज से कई लाख गुना बड़ा है जो बहुत ज्यादा intensity से कई प्रकार की किरणे और कई प्रकार के सूक्ष्म पदार्थ पैदा करता रहता है इसलिए यह पहला ब्लैकहोल बना जिसे खोजा जा सका और तस्वीर ली जा सकी |

तस्वीरें जारी करते हुए गोथ यूनिवर्सिटी फ्रैंकफर्ट की लुसिआनो रेजोला ने कहा कि बेहद साधारण भाषा में कहा जाए तो “यह ऐसा गड्ढा है, जिसे भरा नहीं जा सकता है। “

खगोल शास्त्र में रुचि रखने वाले लोगों के लिए ब्लैक होल की पहली तस्वीर जारी होना बड़ी घटना है, क्योंकि अब तब इसके बारे में बस कल्पना ही की गई है।

क्या नजर आ रहा है ब्लैक होल की पहली तस्वीर में ?

तस्वीर के बीचो बीच काले रंग का एक छेद है ,जिसे ब्लैक होल बताया जा रहा है |

इस छेद के चारो ओर पीले रंग की चौड़ी परत नजर आ रही है| background में जो काला रंग दिख रहा है वो अन्तरिक्ष है |

Black Hole की तस्वीर कैसे ली गयी ?

इसके लिए दुनिया के 6 देशों—

  1. हवाई,
  2. एरिजोना,
  3. स्पेन,
  4. मेक्सिको,
  5. चिलि और
  6. दक्षिणी ध्रुव में

Event Horizon Telescope लगाया गया था। इसका निर्माण खासतौर पर ब्लैक होल की तस्वीर लेने के लिए ही किया गया था। इसे पूरा करने में सुपर कम्प्यूटर्स, पूरी दुनिया में अलग- अलग 8 टेलीस्कोपस, कई रिसर्चर और बड़ी तादात में डाटा लगाया गया  है। इस काम में दुनिया के 200  वैज्ञानिक लगे हुए थे |

अगर आप नही जानते है की Black Hole क्या होता है तो पोस्ट को पूरा पढिये आपको अच्छे से जानकारी हो जाएगी की आखिर ये black hole क्या है ?

what is black hole ? Black Hole Kya Hota Hai? (ब्लैक होल क्या होता है ?) 

what is black hole
what is black hole

ब्लैक होल को हिन्दी मे कृष्ण विवर‘ कहा जाता है | यह ब्रह्माण्ड का सबसे खतरनाक  आकाशीय पिंड है। ब्लैक होल का अपना एक प्रभाव क्षेत्र होता है जिसे घटना क्षितिज कहा जाता है जिसमे आने वाली हर वस्तु चाहे कोई तारा या ग्रह या कोई चुम्बकीय विकिरण सभी को अपने अन्दर निगल लेता है और इसका आकार बढ़ता जाता है ।

यहां तक कि प्रकाश, जिसकी गति 3 लाख km/sec है उसे भी यह अपने आप में खींचकर निगल जाता है और प्रकाश भी इसकी चपेट से बचकर नहीं निकल पाता।

यही कारण है कि ब्लैक होल का कोई वास्तविक फ़ोटो नहीं लिया गया जा सका था | इसके क्षेत्र में कुछ भी दिखाई नहीं देता है इसलिए इसे ब्लैक होल नाम दिया गया है।इसके प्रभाव क्षेत्र में गुरुत्वाकर्षण इतना प्रबल होता है कि यहाँ “time और space” दोनों विकृत हो जाते हैं और समय की गति बहुत धीमी पड़ जाती है।

यह एक ऐसा पिंड है जिसके पास रोशनी भी नही जा सकती |इसका गुरुत्वाकर्षण इतना तेज है की ये सभी चीजों को निगल जाता है |इसके जितना पास जाते है तो समय का प्रभाव भी कम होने लगता है |उसके अंदर समय का भी कोई अस्तित्व नही है

ब्लैक होल  की खोज किसने की थी ?

इस  की खोज कार्ल स्क्वार्जस्चिल्ड और जॉन व्हीलर ने 1916 में की थी|

हालाँकि ब्लैक होल के बारे में दुनिया के सामने सबसे पहले अपने विचार Professor John Michell ने 1783 में प्रकट किये थे |

उनके बाद 1796 में france  के एक वैज्ञानिक  Pierre  Simon ने अपनी एक किताब  The System Of World  में Black Hole  पर अपने विचार प्रकट किए |

लेकिन वैज्ञानिक प्रत्यक्षीकरण के साथ दुनिया के सामने आना वाला सबसे पहला Black Hole ,Cygnus X1 था |इस Back Hole की पुष्टि 1972 में की गयी थी |

 Black hole का निर्माण कैसे होता है ?

black hole kya hota hai
ब्लैक होल का निर्माण कैसे होता है ?
                                                                                        


 यदि किसी भी वस्तु, तारा या कोई पिण्ड को संकुचित करके एक सीमा से छोटा कर दिया जाए तो वह ब्लैक होल में परिवर्तित हो जायेगी।
भैतिक विज्ञान के अनुसार उस सीमा को “Schwarzschild Radius” और कभी कभी “Gravitational Radius” भी कहा जाता है।

Schwarzschild radius R=2MG/c^2

यहाँ पर G गुरत्वकर्षण नियतांक है जबकि M वस्तु का द्रव्यमान किलोग्राम में है।

उदाहरण के लिए अगर पृथ्वी को इसकी Schwarzschild Radius 9 मिलिमीटर या 0.35 इंच की त्रिज्या से कम के गोले में संकुचित (उसकी आकृति को बिना परिवर्तित किये दबाकर छोटा करना) किया जाए तो वह ब्लैक होल में परिवर्तित हो सकती है

लेकिन विज्ञान के अनुसार इन्हें इस सीमा तक संकुचित करना सम्भव नहीं है ।

जब कोई विशाल तारा अपने अंत की ओर पहुंचता है तो वह अपने ही भीतर सिमटने लगता है. धीरे धीरे वह भारी भरकम ब्लैक होल बन जाता है और सब कुछ अपने में समेटने लगता है.

जब किसी तारे की हाइड्रोजन या ऊर्जा ख़त्म हो जाती है तो वह धीरे धीरे ठंडा होने लगता है और जो तारे अपने सौर द्रव्यमान से 1.4 गुना द्रव्यमान या अधिक वाले होते हैं और अपने आपको अपने गुरत्वकर्षण के विरुद्ध संभाल नहीं पाते उनमे स्वतःविस्फोट होता है जिसको  सुपरनोवा (Supernova) या महानोवा विस्फोट  कहते है।

इस विस्फोट के बाद  अगर उस तारे का कोई अवशेष बचता है तो वह बहुत ज्यादा घनत्व वाला न्यूट्रॉन तारा बन जाता है।और फिर उसमें अपार शक्ति के गुरूत्वीय खिंचाव के कारण स्वतः ही संकुचन होने लगता है और वह अवशेष अपनी Schwarzschild Radius से अधिक संकुचित होकर एक भयंकर और खतरनाक संरचना का निर्माण करता है । इस संरचना में space or time का अस्तित्व मिट जाता है जिस से वह अद्रश्य हो जाता है |यही अद्रश्य पिंड  black hole कहलता है |

इस को Black Hole ही क्यों कहते है ?

ये अपने ऊपर पड़ने वाले सारे प्रकाश को अवशोषित कर लेता है थोडा भी प्रकाश वापस reflect नही करता है इसलिए इसके अंदर अँधेरा होने के कर्ण इसे black hole कहता है |

अगर Black Hole में कोई ग्रह या वस्तु चली  जाये तो वह कहाँ जाता है?

कोई भी ग्रह या कोई वस्तु अगर ब्लैक होल के अंदर चली जाती है तो वह बहुत सूक्ष्म टुकड़ो या अणुओं में बिखर जाएगी और अदृश्य हो जाएगी और ब्लैक होल में किसी अज्ञात जगह पर चली जाती है जिसका रहस्य आज तक विज्ञान भी नहीं सुलझा पाया कि कोई वस्तु ब्लैक होल में जाने के बाद कहाँ जाती है?

Black hole  कितने प्रकार का होता है ?


 तीन प्रकार के होते हैं—–

a) Stellar mass Black Hole
इसमे वो ब्लैक होल आते है जो ऐसे तारे से बनते है जिसका द्रव्यमान सूर्य से कुछ गुना अधिक होता है|वो गुरुत्वीय संकुचन के कारण जब ब्लैक होल बन जाते है  तो उसे Stellar mass black hole कहते है|

b) Supermassive Black Hole—-
इस प्रकार के ब्लैक होल आकार में बहुत विशाल होते हैं और इनका द्रव्यमान सूर्य की अपेक्षा लाखों गुना ज्यादा होता है, इनका निर्माण आकाश गंगा के केन्द्र में होता है |इनका घनत्व बहुत ज्यादा होता है।

इस तरह के Black Hole तब बनते हैं जब किसी बहुत बड़े तारे का केंद्र अपने आप ख़त्म हो जाता है। इस प्रक्रिया से Supernova बनता है। यह पॉवर के मामले में सूरज के मुकाबले कई गुना अधिक बड़ा होता है। Supermassive Black Hole सूरज के मुकाबले कम से कम दस लाख गुना बड़ा होता है। वैज्ञानिकों ने यह ध्यान दिया है की इस तरह के ब्लैक होल हमारी अपनी गैलेक्सी Milky Way समेत हर बड़ी गैलेक्सी के मध्य में है। हमारी आकाश गंगा जिसे गैलेक्सी कहते है , के बीच में एक Supermassive Black Hole है जिसका घनत्व सूर्य से लगभग एक करोड़ गुना ज्यादा है।

c) Primordial Black Hole—-
ऐसे ब्लैक होल जिनका द्रव्यमान सूर्य से कम होता है और जिनका निर्माण गुरुत्वीय संकुचन के कारण न होकर अपने केन्द्रता पदार्थ और ताप के संपीड़ित होने के कारण होता है उसे Primordial Black Hole कहा जाता है|

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 अद्रश्य पिंड है Black hole तो वैज्ञानिको ने इसे कैसे खोजा होगा ?

black hole kise kehte hai
ब्लैक होल को कैसे खोजा गया ?
                                                                                                            

John Michell  के अनसार ब्लैक होल अद्रश्य होने के बावजदू भी अपने आस पास निकटतम आकाशीय पिंडों पर अपना गुरुत्वीय प्रभाव डालते है ऐसे में बीच में अंधेरा होता है लेकिन आस पास की चीजें किसी अद्रश्य गड्ढ़े यानी ब्लैक होल  की तरफ खिंचती दखाई देती हैं जिससे वहाँ ब्लैक होल होने का पता चलता है | द्रव्य, पिंड, ग्रह, तारे या प्रकाश सभी एक बिन्दु की तरफ खिंचते जाते हैं लेकिन उस बिन्दु से वापस आता हुआ कुछ भी दिखायी नहीं देता, यहाँ तक की प्रकाश भी और उसी बिंदु को या गड्ढ़े को black hole कहता है

कोई चीज़ हमे दिखती तब है जब उस पर प्रकाश पड़ता है और वहां से Reflect हो कर हमारी आँखों में जाता है इसी का उल्टा ऐसी जगह जहां पर Light  तो जा रही है पर किसी पर focus नहीं कर रही जैसे किसी अँधेरे घर में torch जलाने के बाद उसका Point नहीं दिख रहा की यह कहाँ पड रहा है ऐसा ही Space में होता है ऐसी जगह  पर Black Hole होता है |

जब Super Nova विस्फोट होता है तो उस समय  बहुत ज्यादा रोंशनी होती है जिससे वैज्ञानिक कई खोज करते है उसी समय जहां पर अँधेरा रहता है वहां निश्चित रूप से Black Hole ही होता है

Black hole  सारी रोशनी को अवशोषित कर लेता है|

Black Hole  का गुरुत्वाकर्षण बल क्यों इतना ज्यादा होता है ?

जब भी कोई तारा नष्ट होता है। तो वह ब्लैक होल की रचना करता है। ब्लैक होल के आकार के कारण है कई बड़े आकाशीय पिंडों को इकट्ठा किया जाए तो उनका घनत्व आपस में सिकुड़कर सिर्फ एक बिंदु पर Compress हो जाता है| इतने छोटे से आकार में इतना सारा घनत्व होने के कारण उसको इतना ज्यादा शक्तिशाली गुरुत्वाकर्षण बल प्राप्त होता है|

प्रकाश  Black Hole से  वापस क्यों नही आता है ?

ब्लैक होल में गई रोशनी वापस नहीं आती। क्योंकि हम यह बात जानते हैं कि जो रोशनी किसी वस्तु से टकराकर हमारे आँख पर वापस आती है तभी वह वस्तु हमें दिखाई देती है। लेकिन ब्लैक होल का सिद्धांत बहुत ही अजीब है। ब्लैक होल में जाने वाली कितनी भी शक्तिशाली प्रकाश वापस लौट कर नहीं आती।

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क्या Black Hole के माध्यम से Time travel कर सकते है ?

Newton ने कहा था की Time Absolute है जिसका मतलब Time हर जगह हर स्थिति में एक ही होता है|

और Albert  Einstein की  The Theory of Relativity में Time Dilation है जिसके अनुसार Time Relative है यानि Time हर जगह अलग अलग हो सकता है और यही सही है Present में यह prove हो चुका है | Gravity Time को धीमा कर देती है यानि जहां Gravity का प्रभाव ज्यादा है वहां Time धीमा गुजरता है और जहां Gravity कम है वहां तुलना में कम गुजरता है यही The Theory Of Relativity का Time Dilation है

इससे समय यात्रा यानि Time Travel Possible है पर Future में जा सकते है Past में नहीं जा सकते |

Time Travel करने के लिए हमे किसी ऐसी जगह जाना होगा जहां Gravity बहुत ज्यादा हो जैसे यदि Black hole के पास के Planet पर हम 1 साल रहते है तो हमारी पृथ्वी पर 10 साल गुजर जायेगें और फिर हम वापस अपनी Earth पर आएंगे तो हम 9 साल Future में होंगे | Time का अंतर Gravity पर Depend करेगा जितनी ज्यादा gravity उतना Time धीमा हो जायेगा|

लेकिन ब्लैक होल के पास तक जाना ही सम्भव नही है |

हमारी पृथ्वी के सब से नजदीक black hole  का नाम क्या है ? —-

सबसे नज़दीक Black hole का नाम V616 Monocerotis है जो की हम से 3000 प्रकाश वर्ष ( एक प्रकाश वर्ष =  9,500,000,000,000 km)दूर है Present में उसके आस पास भी पहुचना संभव नहीं है | इस ब्लैक होल का हमारी पृथ्वी का सौर मंडल पर कोई प्रभाव नहीं होता है. क्योंकि यह एक बी ग्रेड का ब्लैक होल है. और उसका गुरुत्वीय प्रभाव यहां तक नहीं पहुंचता.

Black Hole के बारे में कुछ रोचक जानकारियां —-

 

  • ब्लैक होल में अपार घनत्व के कारण और इनफिनिट ग्रेविटेशनल फोर्स के कारण ब्लैक होल के बाहर रोशनी भी नहीं जा सकती है|
  • अधिक गुरुत्वाकर्षण और अपार घनत्व के कारण ब्लैक होल में समय का भी प्रभाव कम हो जाता है. और इस स्थिति में जैसे-जैसे ब्लैक होल के केंद्र के नजदीक जाते हैं वैसे-वैसे समय बहुत धीमा हो जाता है. और ब्लैक होल के केंद्र में तो समय का कोई अस्तित्व ही नहीं है.
  • अगर कोई व्यक्ति ब्लैकहोल की चपेट में आ गए हों तो दो बातें हो सकती हैं. या तो वो  तुरंत ही जलकर राख हो जाएगा या फिर बिना किसी नुकसान के ब्लैक होल में फंस जाएगा |
  • ब्लैक होल के गुरुत्वाकर्षण की सीमा के अंदर जाते ही किसी भी अवकाशीय पिंड को ब्लैक होल       का शक्तिशाली गुरुत्वाकर्षण बल खींच लेगा|
  • वैसे तो ब्लैक होल से किसी भी चीज का बचकर जाना बहुत मुश्किल है. लेकिन एक चीज जो ब्लैक होल से बाहर निकल सकती है वह उसके विकिरण | वैज्ञानिकों के अनुसार जैसे जैसे ब्लैक होल अपना विकिरण बाहर छोड़ता रहता है| वैसे वैसे वह आपना द्रव्यमान खो देता है. और इसी एक प्रक्रिया के कारण अंत में ब्लॉक खोल की मौत होगी |
  • अगर दो ब्लैक होल सामने आ जाए तो वह दोनों अपने अपने गुरुत्वाकर्षण बल से अपनी अपनी ओर खींच आएंगे और जिससे उन दोनों का गुरुत्वाकर्षण बल एक समान हो जाएगा और दोनों मिलकर एक बड़े ब्लैक होल का निर्माण कर देंगे|
  • कई बार ब्लैक होल में शोर भी होता है. जब कोई बड़ा आकाशीय पिंड ब्लैक होल के इवेंट होराइजन में चला जाता है. तो उसके सारे अणु बिखर जाते हैं. और वह प्रकाश की गति से ब्लैक होल के केंद्र की ओर गिरते हैं. जिससे शोर पैदा होता है. लेकिन उसे भी ब्लैक होल बाहर नहीं जाने देता और अपनी ओर खींच लेता है.
  • ब्लैक होल के आकार के कारण है कई बड़े आकाशीय पिंडों को इकट्ठा किया जाए तो उनका घनत्व आपस में सिकुड़कर सिर्फ एक बिंदु पर Compress हो जाता है| इतने छोटे से आकार में इतना सारा घनत्व होने के कारण उसको इतना ज्यादा शक्तिशाली गुरुत्वाकर्षण बल प्राप्त होता है|

उम्मीद है आपको आज की black Hole से related जानकारी पसंद आई होगी |अगर जानकारी अच्छे लगे तो शेयर करे अपने दोस्तों के साथ और कमेंट कर के बताये कि क्या आप पहले से black hole के बारे में जानते थे ?या पोस्ट पढ़ कर आपने जाना ?

 

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